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गणपति भगवान के मयुरेश्वर अवतार रहस्य(गणेश पुराण)

गणेश परब्रह्म की मयुरेश्वर अवतार का रहस्य  अष्टविनायक का अवतार में एक अवतार मोरेश्वर या मयुरेश्वर हैं कहानी इस प्रकार उद्धृत किया गया है जब मता पर्वती गं बीजाक्षर का तप की तो गणेश भगवान जो कि परब्रह्म परमात्मा हैं वो माता पार्वती का बेटे के रूप में अवतरित होने का वर दी अब गं बीजाक्षर में ऐसा क्या है जिससे भगवान गणेश खुश होते हैं।ग का अर्थ गुरुस्त वर्ग है इसमें सुक्ष्म तन्मत्र से गुरु तन्मत्र में अनुशिलन होने का रहस्य छुपा है समस्त गोचर वस्तु गुरु रूप में अभिप्रेत होता है जब सिन्धु नामक राक्षस अमृत मय सुवर्ण अन्डो से अमृत्व को पा लिया उन्होंने डर के मारे वो तीन अण्डे जो वर के रूप में दिया गया था उसे निगल लिया क्यों कि भगवान सुर्य देव ने उन्हें तुट जाने का अर्थ से बोलते थे कि इनके नष्ट होने पर सारे अमृत्व को खो देगा तो उन्होंने उसे निगल लिया अब परब्रह्म परमात्मा गणपति भगवान आम्र वृक्ष कि नीचे एक अण्डे को उनके गुरूत्व पैर को तब  आघात किया तो अण्डे फुट कर उनसे मयुर उत्पन्न हुआ उनको गणेश भगवान आपने वाहन बनाकर राक्षस के पेट चीर दिया उनसे अमृत मय अण्डे फुट गया और राक्षस जो तीनों लोको...

गणेश चतुर्थी पर गणपति भगवान का रोचक तथ्य-१

गणपति भगवान का रोचक तथ्य  गणेश भगवान हमारे पांच ब्रह्म में से एक माना जाता हैं गण्पत्यागम के अनुसार गणपति भगवान का ३२ रूप हैं। इसे द्वात्रिंशति कहा जाता है इसके अंक गणित अनुसार ऐसा लिख सकते हैैं। ३और २ लेकिन यहां दोनों ० समाहित हैं। तलम् न्याय में भगवान गणेश को त्रय दुःख विनाशक और सत रजस तमस का त्रय रूपात्मक ब्रह्म मानते हैं। शुन्य का अर्थ अभाव नहीं बल्कि पुर्ण हैं इसलिए भगवान गणपति भगवान को परिपूर्ण  ब्रह्म कहते हैं इनका कुछ रूप इस प्रकार हैं १)बाल गणपति : यहां गणपति बाल रूप में गणपति इसलिए बताते हैं कि बकार को तंत्र में तो ओष्ट  अर्थात अभ्यांतर भेद में मानते हैं। सब ज़बान के अग्र में अर्थात जिह्वाग्र में अग्नि रूप समाहित होता है तो ब कार अर्थात गणपति भगवान का बाल्य रूप प्रकट होता है इसका बाल गणपति की रूप में बताते हैं। जिस प्रकार बाल सुर्य उदित होने पर अर्थात शुभा के समय सुर्य तम्र वर्ण का होता हैं उसी प्रकार गणपति भगवान ताम्र और रक्त वर्ण के होते हैं लकार का अर्थ उत्पत्ति लकार पंच देवता में त्रिशक्ति सहित हैं इससे बाल गणपति का प्रक्ट्य होता हैं। इसका हाथ में कोमल पुष्प...