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Showing posts with the label आर्य समाज खण्डन

धर्म की परिभाषा

हम सब के मन में एक विचार उत्पन्न होता हैं धर्म क्या हैं इनके लक्षण या परिभाषा क्या हैं। इस संसार में धर्म का समादेश करने केलिए होता हैं लक्ष्य एवं लक्षण सिद्ध होता हैं लक्ष...

दुर्गा सुक्त का सार हिंदी अनुवाद

ॐ ॥ जा॒तवे॑दसे सुनवाम॒ सोम॑ मरातीय॒तो निद॑हाति॒ वेदः॑ । स नः॑ पर्-ष॒दति॑ दु॒र्गाणि॒ विश्वा॑ ना॒वेव॒ सिंधुं॑ दुरि॒ता‌" त्य॒ग्निः ॥१॥ १: हम सोमा(वृक्ष का नाम)  को जातवेद...

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यः श्वे॒ताँ अधि॑निर्णिजश्च॒क्रे कृ॒ष्णाँ अनु॑ व्र॒ता । स धाम॑ पू॒र्व्यं म॑मे॒ यः स्क॒म्भेन॒ वि रोद॑सी अ॒जो न द्यामधा॑रय॒न्नभ॑न्तामन्य॒के स॑मे ॥ ऋग्वेद ८:४१:१० इस श्...

कर्म क्या हैं।?

कर्म क्या हैं? "अभिज्ञ धी प्रक्रियाद्गतम् कर्मा"। अर्थात चेतना के विचारों से घटित प्रक्रियाओं को कर्म कहते हैं। "स च कर्मणा वृत्तं कार्यं"। अर्थात इस कर्म के आधार से ही कार्...